उत्तराखंड में बारिश से 78 सड़कें बंद, नदियों का जलस्तर बढ़ा; आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश में दो राज्यमार्ग समेत कुल 78 मार्ग रविवार को बंद रहे। सड़कें बंद होने से कई इलाकों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, बारिश के चलते प्रदेश की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
रविवार को अल्मोड़ा में दो, बागेश्वर में आठ, चमोली में 10 और देहरादून में 12 मार्गों पर यातायात बंद रहा। इसके अलावा नैनीताल में आठ, पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में 19, रुद्रप्रयाग में छह, टिहरी में सात और उत्तरकाशी में तीन मार्ग बंद रहे। लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें बाधित होने का सिलसिला बना हुआ है।
बारिश के बीच नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा। उत्तरकाशी में दोपहर दो बजे भागीरथी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। चमोली में दोपहर तीन बजे अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब दर्ज किया गया। रुद्रप्रयाग में शाम चार बजे अलकनंदा नदी खतरे के निशान से 2.68 मीटर और मंदाकिनी 2.25 मीटर नीचे थी। वहीं हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 2.15 मीटर नीचे रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल के कुछ इलाकों में गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पांच सितंबर तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। बारिश के दौरान संवेदनशील पर्वतीय मार्गों और नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।



