
देहरादून
जिलाधिकारी सविन बंसल को हटाए जाने की चर्चाओं के बीच अब दून खुलकर उनके समर्थन में उतर आया है। शहर की 25 से अधिक सामाजिक संस्थाओं, संयुक्त नागरिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर साफ संदेश दिया है—जनता के अधिकारी को हटाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसेवा का चेहरा बने सविन बंसल
वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि सविन बंसल केवल एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों का प्रतीक बन चुके हैं। उनकी कार्यशैली में ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला है, जिसने आमजन का भरोसा प्रशासन पर और मजबूत किया है।
जनता दरबार बना भरोसे का मंच
डीएम बंसल द्वारा शुरू किए गए जनता दरबार ने हजारों लोगों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाया। खासकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और असहाय वर्ग के लिए यह पहल किसी वरदान से कम नहीं रही। लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण है।
आपदा में दिखी नेतृत्व की असली ताकत
आपदा के कठिन समय में सविन बंसल ने खुद मैदान में उतरकर राहत कार्यों का नेतृत्व किया। दिन-रात की मेहनत और मानवीय संवेदनाओं के साथ उन्होंने यह साबित किया कि प्रशासन केवल आदेश देने तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने का नाम है।
पारदर्शी और निष्पक्ष प्रशासन की मिसाल
उनके कार्यकाल में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल कायम हुई है। बिना किसी दबाव के निष्पक्ष फैसले लेना और कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करना उनकी सबसे बड़ी पहचान बन चुका है।
ऐतिहासिक फैसलों से जनहित को बढ़ावा
वर्षों से बैंकों में निष्क्रिय पड़े फंड को जनहित में उपयोग करना उनके साहसिक और दूरदर्शी निर्णयों में शामिल है। इस कदम ने विकास कार्यों को नई गति दी और संसाधनों के बेहतर उपयोग की मिसाल पेश की।
विरोध को बताया जनविरोधी
सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने कुछ वर्गों द्वारा बनाए जा रहे दबाव को अनुचित बताते हुए कहा कि एक ईमानदार और कर्मठ अधिकारी के खिलाफ इस प्रकार का विरोध जनभावनाओं के खिलाफ है।
दून की जनता एकजुट
संयुक्त नागरिक संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि सविन बंसल को हटाने का कोई प्रयास किया गया, तो दून की जनता इसका पुरजोर विरोध करेगी।
“ऐसे जनसेवक अधिकारी का साथ देना हमारा कर्तव्य है,”—यह संदेश हर वर्ग से साफ तौर पर सामने आया।
सविन बंसल ने अपने कार्यों से यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और इरादे मजबूत, तो प्रशासन जनता के दिलों में जगह बना सकता है। आज दून की जनता उनके साथ खड़ी है—और यह समर्थन उनके काम की सबसे बड़ी पहचान है।



