यूसीसी के तहत दर्ज हलाला केस में नया मोड़: पीड़िता के भाई का मोबाइल हैक, आईटी एक्ट में मुकदमा

रुड़की/देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद हलाला से जुड़े पहले मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। जहां हाल ही में रुड़की कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था, वहीं अब पीड़िता के भाई का मोबाइल हैक कर केस से जुड़े अहम साक्ष्य मिटाने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
बुग्गावाला थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 5 अप्रैल को पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, तीन तलाक और हलाला का दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। शिकायत के बाद एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि यूसीसी लागू होने के बाद पहली बार हलाला के आरोप में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता 2024 की धारा 32(1)(ii) और 32(1)(iii) के तहत केस दर्ज हुआ। पांच दिन पहले ही रुड़की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
पति-ससुर समेत कई नामजद
पुलिस ने महिला के पति मोहम्मद दानिश, ससुर सईद, जेठ, देवर और अन्य परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामला देशभर में सुर्खियों में रहा।
अब मोबाइल हैकिंग का आरोप
ताजा घटनाक्रम में पीड़िता के भाई ने बहन के पति के रिश्तेदार रहमान पर मोबाइल हैक करने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक ईमेल आईडी और पासवर्ड हैक कर केस से जुड़े व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और जरूरी फाइलें डिलीट कर दी गईं।
पुलिस जांच में प्राथमिक तौर पर डेटा डिलीट होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद रविवार देर शाम आरोपी रहमान के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने कुछ माह पूर्व उसकी एक वेबसाइट भी बनाई थी और आधार-पैन कार्ड की कॉपी ली थी, जिनका दुरुपयोग किए जाने की आशंका है।
तीन तलाक और हलाला पर सख्त प्रावधान
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यूसीसी के तहत हलाला को बढ़ावा देने या उसमें शामिल होने पर तीन साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 के तहत तीन तलाक भी दंडनीय अपराध है।
उलेमा और धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया
देहरादून शहर मुफ्ती सलीम अहमद कासमी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के जिला सदर मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी और शहर काजी मुफ्ती हशीम सिद्दीकी ने एक सुर में कहा कि इस्लाम में एक साथ तीन तलाक देना बड़ा गुनाह है और योजनाबद्ध हलाला हराम है। धर्मगुरुओं ने इसे सामाजिक बुराई बताते हुए रोकने की अपील की।
पुलिस का बयान
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पीड़िता के भाई की तहरीर पर जांच की गई, जिसमें मोबाइल डेटा डिलीट होने के संकेत मिले। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
मामला अब अदालत में विचाराधीन है और साथ ही साइबर एंगल से भी जांच जारी है।



