
उत्तराखंड — पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने कहा है कि “विकल्प रहित संकल्प” के ध्येय-वाक्य को आत्मसात कर देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में जुटे यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यसेवक के रूप में अपने कार्यकाल के ऐतिहासिक पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। युवा ऊर्जा, दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रशासनिक शुचिता के बलबूते उन्होंने ऐसे निर्णायक कदम उठाए हैं जिनसे राज्य की दशा और दिशा दोनों में सकारात्मक बदलाव आए हैं।
वर्मा ने कहा कि सीएम धामी के कार्यकाल को हमेशा ऐतिहासिक फैसलों के युग के रूप में याद किया जाएगा। दशकों से लंबित कई कार्यों को उन्होंने अपनी मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति से पूरा कर दिखाया। देश में सबसे पहले उत्तराखंड में ‘समान नागरिक संहिता’ पारित कराकर उन्होंने एक नया इतिहास रचा और पूरे देश को समान अधिकार देने की शुरुआत देवभूमि से हुई।
उन्होंने बताया कि राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता और जनसांख्यिकी को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने देश का सबसे कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया तथा दंगों में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से करने का कानून भी बनाया। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले भू-माफियाओं और नकल माफियाओं पर लगाम कसने हेतु देश का सबसे कड़ा ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आज युवाओं को सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता के साथ अवसर मिल रहे हैं।
वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के कुशल नेतृत्व तथा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में कनेक्टिविटी का स्वर्णिम युग चल रहा है। ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना और चारधाम सड़क परियोजना से पहाड़ का सफर अब अधिक सुगम और सुरक्षित हुआ है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को जोड़ने के लिए केदारनाथ व हेमकुंड साहिब जैसे रोपवे नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे पर्यटन को नया उत्साह और रोजगार के अवसर मिले हैं। जौलीग्रांट व पंतनगर हवाई अड्डों का विस्तार और राज्य में हेलीकॉप्टर सेवाओं का जाल बिछाने से दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी धामी सरकार नीतिगत पहल कर रही है। बेहतर व्यवस्थापन के कारण चारधाम व कांवड़ यात्राओं में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है, जिससे स्थानीय रोजगार एवं अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य में ‘ग्रीन हाइड्रोजन नीति’ को मंजूरी दी गई है, जो बड़े पैमाने पर निवेश और नौकरियों के अवसर लाएगी। तमाम देश-विदेशी उद्योगपतियों को आकर्षित कर हजारों करोड़ रूपए के निवेश राज्य में लाए गए हैं।
वर्मा ने बताया कि “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र के अंतर्गत समाज के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उत्तराखंड की मातृशक्ति को सरकारी नौकरियों में 30% क्षैतिज आरक्षण का कानूनी अधिकार देकर उन्हें आर्थिक व सामाजिक दृष्टि से सशक्त किया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ‘लखपति’ बनने हेतु सफलता पूर्वक अभियान चलाया गया है।
अशोक वर्मा ने कहा कि युवा ऊर्जा, नीति-निर्धारण की स्पष्टता और जनसेवा के प्रति समर्पण के चलते पुष्कर सिंह धामी जी न केवल एक प्रशासन चला रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी है। उनके सौम्य स्वभाव, बेदाग छवि और चौबीसों घंटे जनसेवा के समर्पण ने उन्हें हर उत्तराखंडी के दिल में स्थान दिलाया है।
वर्मा ने आम जनता से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर हमारे जनप्रिय मुख्यमंत्री को बधाई दें और वर्ष 2025–26 के इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के उनके संकल्प में साथ दें।



