
देहरादून के यमुना कॉलोनी स्थित कैम्प कार्यालय/आवास में आज उत्तराखंड सरकार के माननीय पशुपालन मंत्री जी की अध्यक्षता में लम्पी स्किन डिजीज (LSD) संक्रमण की रोकथाम हेतु उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़े और उपलब्धियां
पशुपालन विभाग के निदेशक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार:
पहला संदिग्ध मामला: 21 जून 2026 को हल्द्वानी में प्रकाश में आया था
कुल टीकाकरण: प्रदेश में अब तक 2,10,089 पशुओं का LSD वैक्सीनेशन किया गया
रिंग वैक्सीनेशन: 24 स्थानों पर 3 किमी की परिधि में 28,243 टीके लगाए गए
वार्षिक लक्ष्य: इस वर्ष कुल 11,41,519 टीके लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया
ग्राम स्तरीय शिविर: 663 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 15,180 पशुओं का उपचार किया गया।
घर-घर सेवा: पशुपालकों के घर जाकर 4,603 पशुओं का उपचार/टीकाकरण किया गया
बीमार पशु: कुल 1,151 बीमार पशु चिन्हित किए गए, जिनमें से 942 पशु स्वस्थ हो चुके हैं
लैब टेस्टिंग: 466 बीमार पशुओं से ब्लड सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए, जिनमें से 198 सैंपल की रिपोर्ट प्राप्त हुई है
135 सैंपल: निगेटिव पाए गए
63 सैंपल: पॉजिटिव पाए गए
मृत्यु दर: प्रदेश में अब तक केवल 01 पशु की मृत्यु हुई है, जबकि वर्ष 2022 के LSD संक्रमण में 786 पशुओं की मृत्यु हुई थी।
माननीय पशुपालन मंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
समस्त जनपदों में लम्पी रोग के अनुश्रवण हेतु नोडल अधिकारियों को नामित करते हुए क्षेत्र भ्रमण करें
रोग के प्रसार की रोकथाम हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें
ग्रामीण स्तर पर रोग के सर्विलान्स एवं उपचार हेतु प्रभावी व्यवस्था स्थापित की जाए
भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा जारी प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करें
समस्त मुख्य पशुचिकित्साधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें
सभी विभागीय योजनाओं का पारदर्शी रूप से क्षेत्र में क्रियान्वयन किया जाए।



