
देहरादून
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की द्वादश प्रांतीय कार्यकारिणी की तृतीय प्रांतीय बैठक बुधवार को संघ भवन, देहरादून में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष इं. सीडी सेनानी ने की, जबकि संचालन प्रांतीय महामंत्री इं. अरविंद प्रताप सिंह ने किया। दूरस्थ जनपदों के पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
बैठक में विभागीय व्यवस्था, अभियंताओं की सेवा संबंधी समस्याओं तथा संगठन की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ ने सरकार के समक्ष 15 प्रमुख मांगें रखते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
बैठक में उठाई गई प्रमुख मांगें
* वर्ष 2026 में नियमों के तहत हुए स्थानांतरणों में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक हस्तक्षेप न हो तथा स्थानांतरण के बाद उन्हें निरस्त न किया जाए। सत्र समाप्त होने के बाद अनावश्यक तबादलों पर भी रोक लगाई जाए।
* स्थानांतरण अधिनियम में ‘अति दुर्गम’ श्रेणी को अलग से शामिल किया जाए।
* सभी अभियंताओं को ई-डीपीआर (E-DPR) तैयार करने के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएं।
* निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में मेट एवं बेलदारों की नियुक्ति की जाए।
* विभागीय पुनर्गठन में पूर्व में समाप्त किए गए 35 सहायक अभियंता और 96 कनिष्ठ अभियंता पदों को नए ढांचे में पुनः शामिल किया जाए।
* भवन एवं सेतु निर्माण कार्यों के लिए प्रस्तावित अतिरिक्त चार खंडों के सृजन संबंधी आदेश शीघ्र जारी किए जाएं।
* प्रदेश के सभी कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) दोबारा लागू की जाए।
* निर्माण कार्यों की जांच कार्य प्रगति के दौरान ही पूरी कर लंबित मामलों के निस्तारण के लिए समयसीमा तय की जाए।
* प्रत्येक खंड में कार्यरत सहायक अभियंताओं को निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए स्वतंत्र सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाए।
* विभागीय पत्र-व्यवहार के सुचारू संचालन के लिए चालकों के पद सृजित किए जाएं।
* कनिष्ठ अभियंताओं को पूरे सेवाकाल में तीन अनिवार्य पदोन्नतियां दी जाएं।
* नियमित पदोन्नति न होने की स्थिति में 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर वित्तीय अपग्रेडेशन का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा वर्ष 2016 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को भी 10 वर्ष की सेवा पूरी होने पर प्रथम वित्तीय स्तरोन्नयन (ग्रेड पे 5400) का लाभ दिया जाए।
* लंबे समय से प्रभारी सहायक अभियंता के रूप में कार्य कर रहे कनिष्ठ अभियंताओं को अधिशासी पदों के सापेक्ष वन टाइम पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
* विभागीय कार्यों में अनावश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप रोका जाए तथा तकनीकी कार्यों की जांच गैर-तकनीकी अधिकारियों से न कराई जाए।
* दुर्गम क्षेत्रों और आपदा राहत कार्यों के दौरान दुर्घटना की स्थिति में अभियंताओं को न्यूनतम दो करोड़ रुपये की सामूहिक दुर्घटना बीमा सुविधा प्रदान की जाए।
बैठक में उत्तराखंड इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. आरसी शर्मा सहित संगठन के अनेक प्रांतीय एवं मंडलीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। संघ ने कहा कि अभियंताओं की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान विभागीय कार्यों की गुणवत्ता, दक्षता और विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
सभी पदाधिकारी रहे मौजूद
* इं. आरसीसी शर्मा – प्रांतीय अध्यक्ष, उत्तराखंड महासंघ
* इं. विनोद चन्द्र सनवाल – वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष
* इं. अरुण भण्डारी – प्रांतीय उपाध्यक्ष
* इं. ललित मोहन बिष्ट – प्रांतीय मंत्री (लेखा)
* इंजीनियर विनेश वर्मा – सदस्य, प्रांतीय तकनीकी सलाहकार समिति
* इं. निर्मल सिंह नेगी – प्रांतीय प्रचार सचिव
* इं. गौरव त्यागी – प्रांतीय मंत्री (विधि)
* इं. अमित कुमार सैनी – प्रांतीय मंत्री (प्राविधिक)
* इं. राजेन्द्र गिरी – प्रांतीय संगठन सचिव (कुमाऊं)
* इं. सरीन कुमार – मंडलीय अध्यक्ष
* इं. अमर सिंह – मंडलीय महामंत्री
* इं. प्रदीप कटारिया – मंडलीय मंत्री (लेखा)
* इं. अजय रतूड़ी – मंडलीय अध्यक्ष (कुमाऊं)
* इं. हिमांशु जोशी – मंडलीय महामंत्री (कुमाऊं)



