हरिद्वार मंदिर में दो साधुओं की हत्या का खुलासा, मुख्य पुजारी समेत तीन गिरफ्तार

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर में दो साधुओं की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मंदिर के मुख्य पुजारी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अवैध संबंधों को लेकर ब्लैकमेलिंग और मंदिर की गद्दी को लेकर विवाद के चलते दोनों साधुओं की हत्या की गई थी।
हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुर उर्फ अखिल गिरी (मुख्य पुजारी), आशु सैनी और राममिलन के रूप में हुई है। वहीं, चौथा आरोपी उत्तम गिरी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
सेवादार की सूचना से खुला राज
एसएसपी के मुताबिक, 21 जुलाई को मंदिर के सेवादार उत्तम झा ने दूसरे सेवादार पंकज को दो साधुओं पारस गिरी और सेवा गिरी के लापता होने की जानकारी दी और अनहोनी की आशंका जताई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पता चला कि उत्तम झा ने रात में मंदिर के पास जंगल में उत्तम गिरी और आशु को गड्ढा खोदते देखा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुदाई कराई तो गड्ढे से दोनों साधुओं के शव बरामद हुए।
शराब पार्टी के बाद रची गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि 18 जुलाई की रात पारस गिरी, सेवा गिरी, अखिल गिरी, उत्तम गिरी, आशु और राममिलन ने मंदिर परिसर में साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस के अनुसार, मुख्य पुजारी अखिल गिरी और उत्तम गिरी के बीच कथित अवैध संबंध थे। इस बात की जानकारी मृतक साधु पारस गिरी को हो गई थी। इसके बाद पारस गिरी और सेवा गिरी कथित तौर पर मुख्य पुजारी को ब्लैकमेल करने लगे और मंदिर की गद्दी पर कब्जा करना चाहते थे।
पहले पगड़ी पहनाई, फिर कर दी हत्या
पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई की रात अखिल गिरी ने पहले सेवा गिरी को पगड़ी पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी बनाया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर दोनों साधुओं की हत्या की योजना बनाई।
वारदात से पहले आरोपियों ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए। इसके बाद गन्ना काटने वाली पाठल से पहले सेवा गिरी और फिर पारस गिरी का गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों शवों को मंदिर के पास जंगल में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। आरोपियों ने हॉल में फैले खून के निशान साफ किए और खून से सने गद्दे को बाहर ले जाकर जला दिया।
हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पाठल और शवों को दफनाने में इस्तेमाल फावड़ा भी बरामद कर लिया है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने काठा पीर के जंगल से अखिल गिरी, आशु और राममिलन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीनों ने हत्या की पूरी साजिश और वारदात को स्वीकार किया। फिलहाल फरार आरोपी उत्तम गिरी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
गिरफ्तार आरोपी
अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42 वर्ष), मुख्य पुजारी, पथरेश्वर महादेव मंदिर
आशु सैनी (37 वर्ष), निवासी इस्माईलपुर, थाना लक्सर, हरिद्वार
राममिलन (38 वर्ष), मूल निवासी गोरसाडा, उत्तरकाशी, हाल निवासी करनाल, हरियाणा
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



