उत्तराखंड में अवैध हथियारों पर STF की बड़ी कार्रवाई, 40 हथियार और 483 कारतूस बरामद

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बरामद हो रहे अवैध हथियार अब सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित मामला नहीं रह गए हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने फर्जी लाइसेंस के दम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि उत्तराखंड केवल ट्रांजिट रूट है या अवैध हथियारों का नया बाजार बनता जा रहा है।
6 महीने में 25 हथियार तस्कर गिरफ्तार
एसटीएफ के अनुसार, पिछले छह महीनों में विशेष अभियान चलाकर 25 हथियार सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 40 अवैध हथियार और 483 कारतूस बरामद किए गए हैं।
बरामद हथियारों में 21 पिस्टल, 10 तमंचे, 5 ऑटोमैटिक पंप एक्शन गन, 2 राइफल और 2 रिवॉल्वर शामिल हैं। एसटीएफ वर्ष 2026 की शुरुआत से ही अवैध हथियारों के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर रही है।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस का संगठित रैकेट
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कर कानूनी हथियारों को अवैध तरीके से हासिल करने का संगठित नेटवर्क वर्षों से सक्रिय था। एसटीएफ के मुताबिक इस गिरोह ने फर्जी लाइसेंस के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है। अब जांच का दायरा उत्तराखंड से बाहर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब तक पहुंच चुका है।
दो तरीकों से पहुंच रहे अवैध हथियार
एसटीएफ की शुरुआती जांच में सामने आया है कि राज्य में अवैध हथियार दो माध्यमों से पहुंच रहे हैं। पहला, बिना लाइसेंस सीधे हथियारों की तस्करी और दूसरा, फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए वैध हथियारों को अवैध रूप से खरीदना। इसी वजह से कई राज्यों की जांच एजेंसियां भी इस नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।
कुमाऊं यूनिट की बड़ी कार्रवाई
एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट ने हाल ही में फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के मास्टरमाइंड सदानंद शर्मा निवासी शाहजहांपुर को गिरफ्तार किया था। जांच में उसके बैंक खाते में अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े करीब 1.70 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है।
सोशल मीडिया और हर्ष फायरिंग बना नया ट्रेंड
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि अवैध हथियार रखना अब एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग के लिए इन हथियारों का इस्तेमाल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऑल इंडिया शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उन्हें उत्तराखंड में ट्रांसफर कराया जा रहा है और इसी के जरिए अवैध रूप से हथियार खरीदे जा रहे हैं। एसटीएफ ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है।



