
उत्तराखंड मे पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रही सियासी उठापठक के केंद्र मे रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने फेसबुक पोस्ट से सब साफ कर दिया है।
मौजूदा दौर मे उत्तराखंड के सबसे पुराने कांग्रेस के कार्यकर्ता है हरदा
ये सत्य है की जिस हाल मे हरीश रावत को प्रदेश बनने के बाद प्रदेश अध्य्क्ष की बाग़डोर सौम्पी गई उस वक़्त प्रदेश मे खासकर तराई के ज़िलों मे कांग्रेस के झंडे उठाने वाले भी गिनती के चंद लोग थे उस समय मे पार्टी संगठन खड़ा करना लोगो को साथ जोड़ना और 2002 के चुनाव मे सत्ता हासिल कराना कोई आसान कार्य नहीं था।
कभी नहीं छोड़ा कांग्रेस का दामन
हरदा ने छात्र राजनीती से ही कांग्रेस का दामन थाम लिया था और कभी भी पार्टी नहीं बदली हमेशा कांग्रेस की मजबूती के लिए कार्य किया प्रदेश भर मे घूमकर संगठन खड़ा किया यही कारण है की आज भी वही एक मात्र ऐसे नेता है जिसे पिथौरागढ़ से लेकर नारसन तक हर गाँव के लोग भली भांति जानते और पहचानते है।
2027 चुनावों के लिए किया ऐलान
पिछले दिनों मे जो भी कुछ हुआ हरदा ने पोस्ट के माध्यम से साफ कर दिया की ना तो वो चुनाव लड़ने के इच्छुक है ना ही अपने बच्चो के लिए मोह रखते है उन्हें मोह है तो सिर्फ कांग्रेस को सत्ता मे वापिस लाने का उन्होंने साफ लिखा की वो 2027 मे कांग्रेस को सत्ता मे वापिस देखना चाहते है उसी को लेकर वो पार्टी मे ऐसा कार्यक्रताओ को लाना चाहते है जो लम्बी रेस के घोड़े हो बारात के नहीं और जो लम्बे समय तक पार्टी को मजबूती प्रदान कर सके।
हरदा ने साफ कर दिया है की उनके खून मे कांग्रेस के लिए समर्पण है उनका 2027 मे सिर्फ और सिर्फ यही मकसद है की अपनी उस पार्टी जिसके साथ बचपन से बुढ़ापे तक हर अच्छा बुरा दौर उन्होंने देखा है उसे अपने हाथो सत्ता मे वापिस काबिज करे और नए चेहरों को विधानसभा भिजवाए जो जनता के हको के लिए लड़ सके उनकी आवाज बुलंदी से उठा सके।



