देहरादून। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। प्रदेशभर में दर्ज कुल 1,19,077 शिकायतों में से 22,246 (करीब 18.68%) शिकायतें जबरन बंद कर दी गईं। आंकड़े सामने आते ही मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
“जबरन बंद की तो कार्रवाई तय”
सीएम ने स्पष्ट कहा कि जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष या संबंधित सचिव की संस्तुति के बिना किसी भी स्तर पर शिकायतों को जबरन बंद न किया जाए। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन केवल एक नंबर नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का माध्यम है। शिकायत का निस्तारण तभी माना जाए जब शिकायतकर्ता पूर्ण संतुष्टि व्यक्त करे।
जिलावार शिकायतों का हाल
देहरादून: शहरी विकास से 6,084 और पेयजल से 2,980 शिकायतें
ऊधम सिंह नगर: राजस्व व खनन से जुड़ी शिकायतें सर्वाधिक
हरिद्वार: खाद्य आपूर्ति और पुलिस विभाग की शिकायतें अधिक
सीएम ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी हर सप्ताह और सचिव स्तर पर हर माह कम से कम दो बार समीक्षा करें।
जल संस्थान पर गंभीर सवाल
पेयजल न आने की 861 शिकायतें जबरन बंद
कुल 2,074 में से 2,043 (98.5%) शिकायतें बिना ठोस समाधान बंद करने का आरोप
सिलिंडर रिफिल व राशन कार्ड मांग को “डिमांड” बताकर निस्तारण से बाहर किया गया
बिजली बिल व खराब मीटर शिकायतें तकनीकी कारणों में उलझीं
6,287 शिकायतें 180 दिन से अधिक लंबित
साल 2021 से अब तक 6,287 शिकायतें 180 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं।
राजस्व विभाग: 472
वन विभाग: 445
लोक निर्माण विभाग: 401
अक्तूबर–दिसंबर 2025 की तुलना में जनवरी–मार्च 2026 तिमाही में लंबित शिकायतों में 107% की वृद्धि और प्रक्रिया में लंबित मामलों में 2290% का उछाल दर्ज किया गया।
बेहतर प्रदर्शन करने वालों की सराहना
सीएम ने अधिकतम शिकायतों का समाधान करने वाले अधिकारियों से फोन पर बात कर सराहना की।
मनोज गुसाईं (UPCL, उत्तरकाशी) – 99.09%
अभिनव रावत (पौड़ी) – 98.34%
सुनील देवली (ऋषिकेश) – 98.30%
दीपक थपलियाल (विकासनगर) – 98.23%
विनोद गुसाईं (पटेलनगर) – 97.41%
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि हेल्पलाइन की सफलता का आकलन तभी होगा जब जनता को समयबद्ध और संतोषजनक समाधान मिले।


