उत्तराखंड में महंगी सीएनजी से वाहन चालकों पर बढ़ा बोझ, हर शहर में अलग-अलग रेट

उत्तराखंड। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब उत्तराखंड में सीएनजी की दरों ने भी आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में गैस कंपनियों की अलग-अलग कीमतों के कारण वाहन चालकों को भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि देहरादून से हरिद्वार पहुंचते ही सीएनजी करीब साढ़े पांच रुपये प्रति किलो महंगी मिल रही है। कुमाऊं के कई शहरों में तो सीएनजी की कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
प्रदेश में वर्तमान समय में करीब एक लाख वाहन सीएनजी पर पंजीकृत हैं। पिछले करीब पांच वर्षों में उत्तराखंड में सीएनजी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। राज्य में गेल इंडिया सहित कई निजी कंपनियां अलग-अलग शहरों में सीएनजी आपूर्ति कर रही हैं और सभी कंपनियों ने अपने-अपने हिसाब से दरें तय कर रखी हैं।
देहरादून में फिलहाल सीएनजी 94.50 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं हरिद्वार और ऋषिकेश में इसकी कीमत 96.91 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। रुड़की में सीएनजी लगभग 99 रुपये प्रति किलो मिल रही है। कुमाऊं क्षेत्र के हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे शहरों में भी सीएनजी 100 रुपये प्रति किलो तक बेची जा रही है।
सीएनजी की अलग-अलग कीमतों का सीधा असर वाहन किराए पर भी पड़ रहा है। खासकर टैक्सी, ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। पर्यटन सीजन और सप्ताहांत में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आने वाले सीएनजी वाहन चालकों को भी महंगे ईंधन का सामना करना पड़ रहा है, जिससे यात्रा खर्च बढ़ रहा है।
उत्तराखंड में अभी सीएनजी नेटवर्क मुख्य रूप से मैदानी क्षेत्रों तक सीमित है। पहाड़ी जिलों में इसकी उपलब्धता बेहद कम है। इसके बावजूद कंपनियां पहाड़ी राज्य होने का हवाला देकर अधिक कीमतें वसूल रही हैं। जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के कई पहाड़ी शहरों तक सीएनजी पहुंच चुकी है और वहां कीमतें लगभग उत्तराखंड के बराबर हैं।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तुलना में उत्तराखंड में सीएनजी काफी महंगी है। दिल्ली में वर्तमान में सीएनजी करीब 80 रुपये प्रति किलो मिल रही है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में इसकी कीमत लगभग 88 रुपये प्रति किलो है। इसके मुकाबले उत्तराखंड में सीएनजी 94.50 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।



