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ICJS 2.0 रैंकिंग में अव्वल उत्तराखण्ड, पुलिसिंग में नया कीर्तिमान , IG सुनील कुमार मीणा ने गिनाईं उत्तराखण्ड पुलिस की उपलब्धियाँ

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उत्तराखण्ड पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बार फिर देशभर में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। बुधवार को पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था व मुख्य प्रवक्ता  सुनील कुमार मीणा ने उत्तराखण्ड पुलिस की दो बड़ी उपलब्धियों की जानकारी दी।

प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System) 2.0 रैंकिंग में उत्तराखण्ड पुलिस ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी CCTNS/ICJS प्रगति डैशबोर्ड के आधार पर जारी की गई है। इस उपलब्धि के तहत उत्तराखण्ड को 93.46 अंक मिले हैं, जबकि हरियाणा दूसरे और असम तीसरे स्थान पर रहा।

आईजी मीणा ने कहा कि यह सफलता उत्तराखण्ड पुलिस की तकनीकी दक्षता, समयबद्ध कार्यशैली और सभी जिलों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। ICJS 2.0 के माध्यम से पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट डेटाबेस को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। उत्तराखण्ड ने इस दिशा में अधिकांश मॉड्यूल्स का एकीकरण तय समय से पहले पूरा कर लिया है, जिससे केस डायरी, चार्जशीट, डिजिटल साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रियाएँ अधिक पारदर्शी और तेज़ हो सकी हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान प्रयागराज महाकुंभ–2025 में उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की सराहनीय भूमिका को भी रेखांकित किया गया। आईजी मीणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के अनुरोध पर उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की एक कंपनी महाकुंभ ड्यूटी में तैनात की गई थी। 112 सदस्यीय एसडीआरएफ दल ने 24 जनवरी से 27 फरवरी तक संगम नोज सहित अति संवेदनशील क्षेत्रों में वाटर रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, लापता श्रद्धालुओं की सहायता और आपातकालीन सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य किया।

एसडीआरएफ की इस अनुकरणीय सेवा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी अधिकारियों और जवानों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए, जिन्हें पुलिस महानिरीक्षक  सुनील कुमार मीणा द्वारा वितरित किया गया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने ICJS टीम सहित उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और साक्ष्य आधारित बनेगी। साथ ही उन्होंने e-Sakshya, e-Summons और Nyaya Shruti जैसे उन्नत डिजिटल मॉड्यूल्स के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया।

डीजीपी ने प्रयागराज महाकुंभ–2025 के दौरान उत्तराखण्ड एसडीआरएफ द्वारा किए गए अनुशासित और समर्पित कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा में लगे रहने की शुभकामनाएँ दीं।

Faizan Khan Faizy Editorial Advisor

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