हरिद्वार में दो बाघों की हत्या, पैर काटकर तस्करी की साजिश; एक गिरफ्तार, तीन फरार

हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज के जंगल में शिकारियों ने दो वर्षीय नर और मादा बाघ की हत्या कर उनके चारों पैर काट दिए। जंगल में क्षत-विक्षत शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में बाघों को जहरीला पदार्थ देकर मारने की आशंका जताई गई है। मामले में एक वन गुज्जर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं।
जहरीली भैंस के जरिए रची साजिश
वन विभाग के अनुसार रविवार शाम सजनपुर बीट (कम्पार्टमेंट-09) में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक बाघ का शव और पास में मृत भैंस बरामद हुई। जांच में सामने आया कि भैंस के मांस पर जहरीला पदार्थ डाला गया था। मांस खाने के बाद बाघ की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने बाघ के चारों पैर काट लिए, जिन्हें अवैध बाजार में बेचने की तैयारी थी। शव जंगल में ही छोड़ दिया गया।
डीएफओ हरिद्वार स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि पूछताछ के आधार पर मंगलवार शाम घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर दूसरी मादा बाघ का शव भी मिला, जिसके पैर भी कटे थे। दोनों बाघ एक ही बाघिन के शावक बताए जा रहे हैं। मौके से दांत और खाल सुरक्षित बरामद हुई है। आलम उर्फ फम्मी निवासी गुज्जर डेरा, श्यामपुर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि आमिर हमजा उर्फ मियां, आशिक और जुप्पी फरार हैं।
मां बाघिन की तलाश में 10 कैमरे, 50 वनकर्मी तैनात
दोनों शावकों की हत्या के बाद अब वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन उनकी मां बाघिन की तलाश में जुटा है। संवेदनशील इलाकों में 10 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और करीब 50 वनकर्मी सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। टीमें श्यामपुर, चीला और रवासन क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि बाघिन अभी भी आसपास के जंगल में हो सकती है।
आंकड़ों के अनुसार रिजर्व के 51 बाघों में से लगभग 70 प्रतिशत चीला रेंज में विचरण करते हैं, जो श्यामपुर क्षेत्र से सटी है। हरिद्वार वन प्रभाग में आने वाले अधिकांश बाघ इसी रिजर्व से आते हैं।
2017 जैसी घटना की पुनरावृत्ति
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में चिड़ियापुर क्षेत्र में भी इसी तरह जहर देकर एक बाघ की हत्या की गई थी। ताजा घटना ने वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कॉर्बेट में दो पालतू हाथी लापता
उधर, रामनगर स्थित कॉर्बेट नेशनल पार्क के झिरना रेंज से मंगलवार शाम दो पालतू मादा हाथी रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। आशंका है कि वे जंगली हाथियों के झुंड के साथ चले गए हैं। देर रात तक खोजबीन जारी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दोनों हाथी गश्त के लिए तैनात थे।



