देहरादून में छात्रों ने पुलिस पर रिश्वत मांगने और मारपीट का लगाया आरोप, पुलिस ने बताया निराधार

देहरादून। राजधानी देहरादून में कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का आरोप है कि बिधौली क्षेत्र में पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर कथित तौर पर पैसे मांगने का प्रयास किया। विरोध करने पर उनके एक साथी के साथ मारपीट की गई और शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। हालांकि, देहरादून पुलिस ने छात्रों के आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे मामले का अलग पक्ष सामने रखा है।
मामले से जुड़ा एक छात्रा का वीडियो भी सामने आया है। छात्रा के मुताबिक, वह अपने दोस्तों के साथ बिधौली मैगी प्वाइंट की ओर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। छात्रा का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे रिश्वत लेने का प्रयास किया। पैसे देने से इनकार करने पर पुलिसकर्मी उसके एक दोस्त को अपने साथ ले गए और उसके साथ मारपीट की।
छात्रा का आरोप है कि जब वह पुलिसकर्मियों के पीछे गई तो उसे भी धक्का दिया गया। उसके मुताबिक, मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। छात्रा ने पुलिसकर्मियों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि अपने दोस्त को छुड़ाने के लिए वह काफी देर तक पुलिसकर्मियों से आग्रह करती रही, लेकिन उसे करीब दो से तीन घंटे तक इंतजार कराया गया।
छात्रा के अनुसार, बाद में जब छात्र मामले की शिकायत लेकर प्रेमनगर थाने पहुंचे तो उनकी शिकायत लेने से कथित तौर पर इनकार कर दिया गया। छात्रा ने वहां मौजूद एक कॉन्स्टेबल के व्यवहार पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उन्हें शिकायत करने पर चुनौती देने जैसी बातें कही गईं।
पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, देहरादून पुलिस ने छात्रों के आरोपों को खारिज किया है। सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल के अनुसार, मामला 17 अगस्त का है। पुलिस को बिधौली क्षेत्र में कुछ लोगों के सार्वजनिक स्थान पर आपस में झगड़ने की सूचना मिली थी।
पुलिस के मुताबिक, मौके पर पहुंचने पर दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की स्थिति मिली। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए और एक-दूसरे से मारपीट पर उतारू हो गए।
शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मौके से तीन छात्रों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, सभी को चालान कर विकासनगर अदालत में पेश किया गया।
सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि छात्रों को समझाने के बावजूद वे पुलिस के साथ भी बहस करने लगे थे। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की। पुलिस ने छात्रों की ओर से लगाए गए रिश्वत मांगने और मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है।



