उत्तराखंड में मॉनसून का असर तेज, एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के खतरे के बीच एनएचएआई अलर्ट
देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मंगलवार को राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल और कुमाऊं के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया है। कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
मंगलवार को देहरादून में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
आपदा से निपटने को स्वास्थ्य विभाग तैयार
मॉनसून के दौरान संभावित आपदाओं को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आपदा पीड़ितों और बड़े हादसों में घायलों के त्वरित उपचार के लिए 12 सदस्यीय क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित की गई है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने एमएस डॉ. आरएस बिष्ट के नेतृत्व में टीम का गठन किया है, जो सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर सक्रिय हो जाएगी। वहीं, निदेशक डॉ. अजय आर्य ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को भी ऐसी टीमें गठित करने और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मॉनसून की पहली बड़ी चुनौती
लगातार बारिश के बीच दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहली बड़ी चुनौती सामने आई है। सहारनपुर के बिहारीगढ़ स्थित वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक तरफ की तीन में से दो लेन बंद करनी पड़ीं। इसके चलते यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ।
एनएचएआई ने एहतियात के तौर पर डाट काली मंदिर की ओर जाने वाला एलिवेटेड फ्लाईओवर भी बंद कर दिया है। पिछले करीब 15 दिनों से रूट परिवर्तन और निर्माण कार्य के कारण हजारों वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा कार्य तेज
भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने पहाड़ियों को सुरक्षित करने का कार्य तेज कर दिया है। डाट काली मंदिर से पहले चार स्थानों पर ढलानों की कटिंग कर स्टील वायर का जाल लगाया जा रहा है। करीब आठ मीटर तक पाइलिंग कर सरियों की मदद से ढलानों को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होने तक यातायात नियंत्रित तरीके से संचालित किया जाएगा।
बारिश से एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों को भी नुकसान
बारिश का असर एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों पर भी देखने को मिला है। बागपत के गांगनौली अंडरपास के पास हाल ही में बनाया गया सीसी स्लैब टूट गया और मिट्टी के पुश्ते में कटाव हो गया। वहीं, 24 घंटे पहले भरे गए गड्ढे दोबारा उभर आए, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग की गई है। उधर, मुजफ्फरनगर में दून-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर नारा-जड़ौदा क्षेत्र में जलभराव के कारण यातायात धीमा हो गया। प्रशासन ने पानी निकासी और नालों की सफाई कराई है।



