‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने किया छात्रों से संवाद, परीक्षा प्रणाली में सुधार और पुनर्परीक्षा की वकालत

देहरादून: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को देहरादून के रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करते हुए देश की परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली पर ऊपर से नीचे तक माफिया का कब्जा है और भ्रष्टाचार का पूरा तंत्र युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि मंत्रालय, बड़े अधिकारी और परीक्षा एजेंसियों से लेकर पेपर तैयार करने, छपाई, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक एक संगठित नेटवर्क काम करता है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से देश में योग्य युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है और नकली डॉक्टर व इंजीनियर तैयार हो रहे हैं।
उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए तीन प्रमुख सुझाव भी दिए। राहुल ने कहा कि परीक्षाएं एक ही दिन कराने के बजाय कई चरणों में आयोजित की जानी चाहिए और आधुनिक तकनीक के जरिए प्रत्येक अभ्यर्थी को अलग-अलग रैंडम प्रश्नपत्र दिए जाने चाहिए। साथ ही परीक्षा संचालन पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में होना चाहिए और निष्पक्ष लोगों को परीक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त किया जाना चाहिए और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक होने की स्थिति में तुरंत पुनर्परीक्षा कराई जाए और प्रभावित अभ्यर्थियों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मंच से विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े कथित “रेट कार्ड” का भी उल्लेख करते हुए इसे “पेपर लीक का मेन्यू” बताया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने दिवंगत अमर मेहता को श्रद्धांजलि देकर की।
कार्यक्रम से पहले हुई तेज बारिश के कारण आयोजन स्थल पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी, लेकिन वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था के चलते कार्यक्रम निर्धारित समय पर संपन्न हुआ। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



