उत्तराखंड में अगले तीन दिन होगी भारी बारिश ,भूस्खलन का खतरा जारी; कई सड़कें भी प्रभावित
उत्तराखंड मौसम अपडेट। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच पहाड़ से मैदान तक बारिश का दौर जारी है। घने बादलों और लगातार हो रही वर्षा के चलते जनजीवन प्रभावित है। देहरादून में तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि नदी-नाले उफान पर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछार की संभावना जताई है। वहीं देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में आकाशीय बिजली के साथ बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की आशंका जताई गई है। प्रदेश के अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
कुमाऊं के ज्यादातर क्षेत्रों में भी भारी बारिश का दौर जारी है। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ गईं। भूस्खलन और मलबा आने से टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग और कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर पांच घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा।
अस्कोट-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग पर बेरीनाग और थल के बीच मलबा आने से कुछ समय के लिए आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग पर ला-झेकला के पास डंपर फंसने के कारण मार्ग करीब आठ घंटे तक बंद रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर दर्जनों वाहन फंसे रहे।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 18 से 20 अगस्त तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बना रहेगा। प्रशासन और संबंधित विभागों ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है।



