उत्तराखंड में बारिश के बीच रेस्क्यू की तैयारी तेज, पर्यटकों के लिए हेलीकॉप्टर तैयार रखने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच कई स्थानों पर लैंडस्लाइड और पर्यटकों के फंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम को देखते हुए राज्य सरकार ने रेस्क्यू व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर पर्यटकों और ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर तैयार रखने को कहा गया है। आने वाले 24 घंटे में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रदेश में पिछले करीब 48 घंटे से कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भी कई स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तरकाशी और देहरादून के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
लगातार बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून में न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस और टिहरी में करीब 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बारिश के बीच कई स्थानों पर लैंडस्लाइड और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के साथ राज्य स्तर पर भी लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेश में बारिश और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी जिलाधिकारियों से जिलों की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बारिश के बीच सबसे बड़ी चुनौती हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग रूटों पर मौजूद ट्रेकर्स की सुरक्षा को लेकर है। उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू की तैयारी की गई है। वहीं, बागेश्वर में 43 ट्रेकर्स को मौसम खराब होने के कारण सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। प्रशासन के अनुसार बागेश्वर में मौजूद ट्रेकर्स फंसे हुए नहीं हैं और मौसम की स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे भेजने का निर्णय लिया जाएगा।
मुख्य सचिव ने रेस्क्यू अभियान के लिए पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। यूकाडा के माध्यम से हेलीकॉप्टरों को तैयार रखने के साथ जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने को कहा गया है। दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन की योजना में जरूरत के अनुसार बदलाव करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रेस्क्यू अभियान के दौरान संचार व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। अभियान में शामिल प्रत्येक हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि मोबाइल नेटवर्क या अन्य संचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने वाले क्षेत्रों में भी रेस्क्यू टीमों के बीच संपर्क बना रहे।
रेस्क्यू के बाद ट्रेकर्स की मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू किए गए ट्रेकर्स को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
चारधाम यात्रा को लेकर भी प्रशासन को मौसम और सड़क की वास्तविक स्थिति के आधार पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। अत्यधिक बारिश या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने और परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे भेजने को कहा गया है।
वहीं, बारिश के बीच नदियों के बढ़ते जलस्तर पर भी 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते अलर्ट करने और डैम व बैराज से पानी छोड़े जाने पर डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पहले से सूचना पहुंचाने को कहा गया है। अगले 24 घंटे में बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन का फोकस रेस्क्यू व्यवस्था मजबूत रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा पर है।



